Wednesday, August 20, 2008

कभी किसी को मुकमल

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नही मिलता.....
कहीं ज़मीन तो कहीं आसमान नही मिलता.....
तेरे जहाँ मैं ऐसा नही के प्यार न हो.................
जहाँ उम्मीद हो उसकी, वहां नही मिलता.........

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